Tuesday, May 19, 2020

काईजेन विधि। आपने अपनाया क्या?

यह मानव मन का सहज स्वभाव माना गया है कि वह तुरंत लाभ चाहता है।
मोटिवेशनल से हम आगे तो बढ़ते है मगर कल भी बढ़ेंगे इसका निर्धारण अनुशासन से होता है। 
जापानी लोगो को मै इस पृथ्वी पर सबसे लायक मनुष्य मानता हूं, जो अपने होने की सार्थकता को साबित किए है। 
जापानी लोग एक दिन ज्यादा करने की अपेक्षा  निरंतरता में विश्वास करते है। 
काईजेन जापान में प्रचलित एक विधि है जिसे हर जापनिस अपने व्यवहार और आदत में शामिल करता है। 
काईजेन के अनुसार, किसी गोल को इतने छोटे टुकड़ों में बाट दो की गोल को भी शर्म अा जाए।
जैसे अगर आप 30 kg वजन उठा सकते है तो शुरुआत 2 केजी से करे और रोज 100 ग्राम बढ़ाते जाए।
किसी दिन व्यायाम करते है, किसी दिन नहीं करते है तो इसका मतलब आपका मन डरा हुआ है, तो सिर्फ व्यायाम की सोच कर खड़े भर हो जाए। खुद ब खुद व्यायाम होता जाएगा। 
लिखने पढ़ने का मन नहीं कर रहा है तो सिर्फ हाथो में कलम लेे, बाकी आपका मकसद सिर्फ हाथो में कलम लेने भर से ही पूरा हो जाएगा।
सुबह उठने में सालो से दिक्कत हो रही है, कैजेन बोलता है कि जो टाइम आपके जागने का है उससे सिर्फ एक मिनट पहले का अलार्म लगाए। यह एक मिनट 60 दिन में एक घंटा का फर्क लाएगा और आपके बायोलॉजिकल क्लॉक को मेनटेन भी करेगा। 
कोई लैंग्वेज सीखनी हो तो रोज एक ही वर्ड सीखो, और एक दिन आप पूरा सीख जायेंगे। 
तात्पर्य यह कि एक ही दिन ज्यादा करने से बेहतर है रोज थोड़ा थोड़ा करना और निरंतर करना। 
नई आदत विकसित करने में भी यह काफी मजेदार विधि मानी गई है। 
                                                     

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