अपने आप को भूतकाल में ले जाइए। अपने आप से सवाल कीजिए कि, क्या आपने जो भविष्य के डर के( असुरक्षा- हानी) लिए... अपनी चिंताओं के लिए, दुश्चिंताओं के लिए, जो कीमत चुकाई थी। क्या वो वाजिब कीमत था? या आवश्यकता से अधिक कीमत चुकाई?
जब भी आप अपने से ऐसे सवाल करेंगे, हर बार उतर यही आएगा की जो कीमत हमने चुकाई थी वो बिल्कुल गैरवाजिब था। बहुत ज्यादा था। हमें उतना चिंता नहीं करनी चाहिए थी। और हर बार आप पाएंगे की पहले की तुलना में आज बेहतर स्थिति है मेरी।
आज वही कल है जिस कल की फ़िक्र तुम्हे कल थी।
हर बार ऐसा ही होता है, बिना अपने क्षमताओं को जाने, और धारणाओं में बंध कर हम ऐसे बेवजह के " क्या होगा मेरा, कैसे होगा, फॉला काम होगा या नहीं या फिर मेरे जिंदगी का क्या होगा आदि दुश्चिंताओं से घिर जाते है ।
क्या आपने कभी सोचा कि हमारी शब्द जिससे हम अपने जीवन को परिभाषित कर रहे है वे पुराने है - धारणाओं के आधार पर आए है - जितनी हमारी समझ और ज्ञान है,, उस आधार पर आए है और हमारी जीवन रोज बदल रही है। परिस्थितियां बदल रही है। जीवन रोज एक नया सवेरा - नई चेतना के साथ हमारे सामने आ रहा है ।
भविष्य को सही सही परिभाषित वहीं कर सकता है जो सतत गतिशील है जीवन के प्रवाह में, जिसके अंदर धारणाओं के रूप में कुरा कचरा नहीं भरा है,और जो रोज प्राप्त होने वाली जीवन ऊर्जाओं का कर्म के रूप में उपयोग करता है ।
हम चाहते क्या है। इस विषय से जब भी अनजान हुए तो मन की डावाडोल स्थिति परेशानियों को आमंत्रित करने लगती है।
परेशानियों में घिरे रहने के भी दो कारण होते है ।
हमारी अज्ञान जो की हो सकता है कि अवसर को भी परेशानियों के रूप में प्रकट करे।
और हमारी कर्मफल। कष्टों का हमारा अनुभव कुछ पुराने कर्मो का बाई प्रोडक्ट होता है जो कि आपको अपने कर्म का कर्ज चुकाने के साथ ही स्वतः खतम होती जाती है।
हमारे जीवन में परेशानियों के होने में हर्ज नहीं है, क्योंकि परेशानियों हमेशा से थी और हमने उन परेशानियों को सफलतापूर्वक जीता भी था, और उनसे आगे भी गए थे।
अपने जीवन को मुड़कर भूतकाल की तरफ देखे की कितनी चुनौतियों का सामना आपने किया था, और कैसे आप चुनौतियों और परेशानियों को हराते हुए आगे बढ़ गए थे।
जब भी हम परेशानियों में होते है उस समय नकारात्मक ऊर्जाओं से घिरे होते है, उस समय हमारी चेतना सहज ही दूसरे से तुलना करने लगती है, जैसे फल्ला को देखो - कितने भ्रष्ट है और गलत काम करते है फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहे है और खूब सारा पैसा भी कमा रहे हैं।
आप जानते भी क्या है उनके बारे में ? कितना जानते है? हो सकता है उनके पास बहुत सारा पैसा हो और रातो को नींद नहीं आती हो। हो सकता है उनकी शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ती चली जा रही हो। हो सकता है उनका परिवार उनके कर्मो से तबाह हो रहा हो ।
आप उनके कष्टों को नहीं जानते । लोग किसी भी तरह पैसा तो कमा लेते है और शीर्ष पर भी पहुंच जाते है फिर वही से उनका पतन भी होना शुरू हो जाता है, विभिन्न माध्यमों से।
क्या ऐसा आपके अनुभव में नहीं हैं? वैसे लोग जो ऊपर तो पहुंच जाते है गलत मार्ग से फिर क्या उनका पतन होना आपने नहीं देखा है ?
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